मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा नोएडा प्राधिकरण के नवनिर्मित मुख्यालय, दो औद्योगिक 70 विकास प्रयोजनाओ का लोकार्पण किया
नोएडा :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गौतमबुद्धनगर में नोएडा प्राधिकरण के नवनिर्मित मुख्यालय, दो औद्योगिक व 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया 27 जून को बेहद गर्मी रही। हवा का नामोनिशान नहीं था। परंतु सरकारी कार्यक्रमों का समय और स्थल तब तक नहीं बदला जाता जब तक मौसम बिल्कुल प्रतिकूल ही न हो जाए। दोपहर से देर शाम तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौतमबुद्धनगर जिले में रहे। उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम के दौरान यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों क्रमशः सेल सोलर पी6 प्राइवेट लिमिटेड का सेक्टर 8 में तथा अंबर एंटरप्राइजेज इंडस्ट्री लि. व एसेंट के सर्किट प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम का सेक्टर 10 में भूमि पूजन तथा शिलान्यास किया। उनके साथ उनकी सरकार के कई मंत्री,स्थानीय सांसद तथा विधायकों के अलावा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं भूपेंद्र यादव भी थे। मुख्यमंत्री ने इसके बाद नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर 96 स्थित नवनिर्मित मुख्यालय के साथ नोएडा दादरी विधानसभाओं में 2479 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।इसी क्रम में उन्होंने मेरठ मंडल में लोक निर्माण विभाग(पीडब्ल्यूडी) द्वारा जनप्रतिनिधियों की मांग पर कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी की। यह सभी महत्वपूर्ण कार्य थे जिन्हें राज्य सरकार का मुखिया होने के नाते यहां आकर आगे बढ़ाना न केवल आवश्यक था बल्कि इससे अफसरशाही में भी अपने कार्यों के प्रति सतर्कता उत्पन्न होती है। परंतु क्या हर बार ऐसे अवसरों पर मुख्यमंत्री स्तर के नेता को जनसभा भी करनी चाहिए? एक प्रश्न यह भी है कि नेता जो किसी महत्वपूर्ण शीर्ष पद पर भी हो,को कब कब जनसभाएं करनी चाहिएं? सामान्य परिस्थितियों में सत्तारूढ़ नेता को क्षेत्र विशेष में तभी जनसभा करनी चाहिए जब उस क्षेत्र के संबंध में वहां की जनता को सरकार की किसी नीति के संबंध में जानकारी देनी हो। जनता से संवाद स्थापित करने के लिए अन्य दूसरे साधनों को उपयोग में लाया जाना चाहिए। भीषण गर्मी में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आयोजित जनसभा में हालांकि हजारों की भीड़ जमा थी। उसमें ऐसे अनेक चेहरे वहां थे जो हमेशा इस क्षेत्र में होने वाली मुख्यमंत्री की सभा में अनिवार्य रूप से पाये जाते हैं। सैकड़ों बसों, हजारों पुलिस प्रशासन के कर्मियों, अधिकारियों, सुरक्षा व्यवस्था, लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए पंडाल से क्या हासिल जबकि कुछ नया बताना न हो?हो सकता है कि मुख्यमंत्री स्वयं हर बार ऐसा न चाहते हों परंतु अपने राजनीतिक लाभ के लिए कुछ लोग उन्हें अनुनय-विनय कर इसके लिए राजी कर लेते हों। अभी ठीक तीन महीने पहले 28 मार्च को नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री सब लोग आए ही थे और उन्होंने जनसभा को संबोधित भी किया था।इन तीन महीनों में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिसे जनता को बताना आवश्यक था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कुछ विशेष कहा भी नहीं।
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