पीओके में ढेर हुआ पुलवामा हमले से जुड़ा आतंकी, 'धुरंधर' स्टाइल में अज्ञात ने कर दिया ढेर

पुलवामा हमले से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान की पीओके के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. अल-बद्र कमांडर हमजा लंबे समय से पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था.

May 21, 2026 - 17:56
 0  3
पीओके में ढेर हुआ पुलवामा हमले से जुड़ा आतंकी, 'धुरंधर' स्टाइल में अज्ञात ने कर दिया ढेर

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एक बड़े आतंकी चेहरे की हत्या ने सुरक्षा एजेंसियों और आतंकी नेटवर्क दोनों का ध्यान खींचा है. पुलवामा हमले से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान को मुजफ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों से भून दिया. हमलावरों ने दिनदहाड़े उसकी कार को निशाना बनाया और मौके से फरार हो गए. हमजा अल-बद्र संगठन का सक्रिय कमांडर था और दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने में उसकी अहम भूमिका बताई जाती थी.

मुजफ्फराबाद में हमला

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना मुजफ्फराबाद के एआईएसएस कॉलेज के बाहर हुई. हमजा की कार ट्रैफिक जाम में फंसी हुई थी, तभी बाइक सवार हमलावर वहां पहुंचे. हमलावरों ने बुर्का पहन रखा था और उन्होंने बेहद करीब से कई राउंड फायरिंग की. अचानक हुए इस हमले में हमजा को संभलने का मौका नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

शिक्षा के बहाने पहुंचा था पाकिस्तान

बताया जाता है कि हमजा वर्ष 2017 में उच्च शिक्षा का हवाला देकर पाकिस्तान गया था. बाद में उसने आतंकी संगठन अल-बद्र जॉइन कर लिया और धीरे-धीरे संगठन में मजबूत पकड़ बना ली. कम समय में ही उसे कमांडर की जिम्मेदारी मिल गई. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह दक्षिण कश्मीर में युवाओं को प्रभावित कर आतंकी संगठनों में शामिल कराने का काम करता था.

छिपकर बदल ली थी पहचान

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में हमजा ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक स्कूल में प्रिंसिपल के तौर पर काम शुरू किया था. आतंकी नेटवर्क के भीतर वह ‘डॉक्टर’ नाम से जाना जाता था. हालांकि पर्दे के पीछे वह लगातार आतंकी गतिविधियों में सक्रिय बना रहा. उसका नेटवर्क पुलवामा से लेकर शोपियां तक फैला हुआ था और वह कई कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़ा बताया जाता था.

कई बड़े आतंकियों का करीबी

हमजा का नाम घाटी के कई कुख्यात आतंकियों के साथ जोड़ा जाता रहा है. वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा जैसे आतंकियों का करीबी सहयोगी माना जाता था. केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में उसे आतंकवादी घोषित किया था. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं और वह भारत विरोधी साजिशों में सक्रिय माना जाता था.

पुलवामा हमले की याद

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान बलिदान हो गए थे. विस्फोटकों से भरी कार काफिले से टकराई थी और धमाका इतना भयानक था कि दूर तक उसकी आवाज सुनी गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. हमजा का नाम उसी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा माना जाता रहा है.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow