खुद को शिव का अवतार बताने वाले फर्ज़ी बाबा ने पूजा की आड़ में की करोड़ों की ठगी, ED की रेड में बड़ा खुलासा
ईडी की जांच में कथित आध्यात्मिक उपचार और अवतार पूजा की आड़ में करोड़ों की उगाही का खुलासा हुआ है. आरोपी पर प्रॉक्सी खातों और बेनामी संपत्तियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप लगा है.
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में एक ऐसे कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये वसूले गए. जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी अशोक खरात और उसके सहयोगियों ने पीड़ितों को विश्वास में लेकर उनसे भारी रकम हासिल की. यह पैसा लग्जरी गाड़ियों, विदेश यात्राओं और संपत्तियों पर खर्च किया गया. ईडी की छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा, आभूषण और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
आस्था की आड़ में करोड़ों की उगाही
जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर ‘अवतार पूजा’, धार्मिक उपचार और आध्यात्मिक सलाह के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. पीड़ितों से मोटी रकम और कीमती संपत्तियां हासिल की जाती थीं. एक शिकायतकर्ता से करीब 5.62 करोड़ रुपये वसूले जाने का मामला सामने आया है. इस धन का इस्तेमाल महंगी मर्सिडीज कार, विदेश यात्राओं और अमेरिका में इलाज जैसे खर्चों में किया गया.
प्रॉक्सी खातों का इस्तेमाल
ईडी की जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने कथित तौर पर कई लोगों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना बैंक खाते खुलवाए. इन खातों का इस्तेमाल अवैध रकम को छिपाने और घुमाने के लिए किया गया. जांच एजेंसी के अनुसार, सहकारी ऋण समितियों और अलग-अलग खातों के जरिए धन को मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से वैध दिखाने की कोशिश की गई.
बेनामी निवेश और नकद लेनदेन
जांच में दो सहकारी ऋण समितियों के जरिए कई बेनामी खाते और सावधि जमा संचालित होने की जानकारी सामने आई. आरोप है कि इन खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा की जाती थी और बाद में उसे अलग-अलग माध्यमों से निकाला जाता था. आरोपी अपने मोबाइल नंबर और नामांकित व्यक्तियों की जानकारी के जरिए इन खातों को नियंत्रित करता था. इस रकम से चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं.
ईडी की बड़ी कार्रवाई
पीएमएलए 2002 की धारा 17 के तहत ईडी ने आरोपी और उसके सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान 13.92 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए. इसके अलावा 5,500 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा और करीब 1.12 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण भी जब्त किए गए. एजेंसी ने 2.25 करोड़ रुपये की बैंक राशि फ्रीज कर दी है.
दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले
तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसियों को कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्ति रिकॉर्ड मिले हैं. एक लग्जरी मर्सिडीज कार को भी फ्रीज किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि बरामद रिकॉर्ड के आधार पर मनी ट्रेल की जांच आगे बढ़ाई जा रही है. ईडी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
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