गौतमबुद्धनगर के थाना जारचा क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. आरोप है कि खनन माफियाओं ने सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर खुदाई कर न केवल पर्यावरण और खेती को नुकसान पहुंचाया, बल्कि सरकारी संसाधनों को भी बर्बाद कर दिया. फूलपुर समेत कई गांव इस अवैध गतिविधि की चपेट में आ गए हैं. ग्रामीण लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
कई गांवों तक फैला अवैध खनन
स्थानीय लोगों के मुताबिक अवैध खनन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. फूलपुर से शुरू हुआ यह मामला अब बिल अकबरपुर, आनंदपुर और आसपास के अन्य गांवों तक पहुंच चुका है. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही खुदाई से खेतों की उपजाऊ मिट्टी खराब हो रही है. इससे खेती प्रभावित हो रही है और किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है.
पंप हाउस और नलकूप को भारी नुकसान
फूलपुर गांव में स्थित राजकीय नलकूप संख्या 50 S.K.B के आसपास सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है. आरोप है कि खनन माफियाओं ने सरकारी पंप हाउस को तोड़ दिया और मोटर पंप को उखाड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया. इसके साथ ही पाइपलाइन सिस्टम भी पूरी तरह बर्बाद हो गया. इससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है और फसलों पर सीधा असर पड़ रहा है.
प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. SDM द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद भी स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया. संबंधित पटवारी पर गलत रिपोर्ट लगाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन को निजी बताकर खनन माफियाओं को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
पुलिस की भूमिका पर भी सवाल
इस पूरे मामले में थाना जारचा पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद थाना जारचा के SHO द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनकी भूमिका पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही और माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए हैं. उनका कहना है कि बिना पुलिस की मिलीभगत के ऐसा होना संभव नहीं नहीं. हालांकि प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
ग्रामीणों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
अवैध खनन और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान के बाद इलाके में भारी रोष का माहौल है. ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. लोगों का कहना है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. साथ ही सरकारी पंप हाउस और नलकूप की मरम्मत जल्द कराई जाए.