योगी सरकार की नई डेयरी क्रांति, गांव की महिलाएं अब मोबाइल से संभालेंगी करोड़ों का कारोबार

उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के जरिए ग्रामीण महिलाएं डिजिटल तकनीक से दुग्ध कारोबार संभाल रही हैं. मोबाइल एप, पारदर्शी भुगतान और गांव स्तर के नेटवर्क ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई ताकत दी है.

May 8, 2026 - 20:43
May 8, 2026 - 20:43
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योगी सरकार की नई डेयरी क्रांति, गांव की महिलाएं अब मोबाइल से संभालेंगी करोड़ों का कारोबार

सोनू अवाना की रिपोर्ट:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं अब तकनीक और डेयरी कारोबार के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं. अवध क्षेत्र समेत 10 जिलों में ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के माध्यम से महिलाओं को दुग्ध उत्पादन, संग्रह और डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ा गया है. गांवों में तैयार हो रहा यह आधुनिक नेटवर्क न केवल महिलाओं की आय बढ़ा रहा है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रहा है.

गांवों में मजबूत हो रहा दुग्ध नेटवर्क

अवध और आसपास के जिलों में ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ तेजी से अपना नेटवर्क बढ़ा रही है. गांव-गांव बनाए गए दुग्ध संग्रह केंद्रों के जरिए किसानों से उचित मूल्य पर दूध खरीदा जा रहा है. इन केंद्रों का संचालन स्थानीय महिलाएं कर रही हैं, जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार और आर्थिक स्थिरता मिल रही है. इससे पशुपालकों को भी बाजार की अनिश्चितता से राहत मिली है.

महिलाओं के हाथ में तकनीक की कमान

अब ग्रामीण महिलाएं केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं. उन्हें डिजिटल तकनीक और मोबाइल आधारित व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है. ‘सामर्थ्य साथी’ एप के जरिए महिलाएं दूध की बिक्री, भुगतान और गुणवत्ता जांच जैसी जानकारी आसानी से प्राप्त कर पा रही हैं. इससे कारोबार में पारदर्शिता आई है और महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है.

पारदर्शी भुगतान से बढ़ा भरोसा

दूध खरीद की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है. महिला किसानों को हर दस दिन में सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाता है. महीने में तीन बार होने वाले इस भुगतान सिस्टम से बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है. समय पर पैसा मिलने से ग्रामीण महिलाओं का भरोसा इस योजना पर लगातार मजबूत हो रहा है.

इन जिलों में तैयार हुआ बड़ा नेटवर्क

लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर में इस नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है. सवा लाख से अधिक महिलाएं इससे जुड़ चुकी हैं. प्रतिदिन चार लाख लीटर से अधिक दूध का कारोबार डिजिटल प्रणाली के जरिए संचालित किया जा रहा है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा दिखाई दे रही है.

आत्मनिर्भर गांव की ओर बढ़ता कदम

योगी सरकार की यह पहल केवल डेयरी कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा अभियान बन चुकी है. डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता के जरिए महिलाएं अब आर्थिक फैसलों में भी भागीदारी निभा रही हैं. गांव की चौपाल से मोबाइल स्क्रीन तक पहुंची यह दुग्ध क्रांति ग्रामीण विकास के नए मॉडल के रूप में उभर रही है.

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