नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की जमकर चर्चा हुई. देशभर से पहुंचे उद्योगपतियों और निवेशकों ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखा है. उद्योग जगत ने माना कि राज्य में कानून व्यवस्था बेहतर होने, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू होने और प्रशासनिक सुधारों के कारण निवेश का माहौल मजबूत हुआ है. समिट में यूपी को नए औद्योगिक केंद्र के रूप में देखा गया.
उद्योग जगत ने की सराहना
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने देश की आर्थिक प्रगति में अहम योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचना तेजी से विकसित हुई है और निवेशकों के लिए माहौल पहले से अधिक अनुकूल बना है. उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्षेत्र में हुई प्रगति को भी महत्वपूर्ण बताया.
कानून व्यवस्था बनी बड़ी वजह
सीआईआई अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. उन्होंने कहा कि उद्योग जगत अब यूपी को अलग नजरिए से देख रहा है. बेहतर कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि देश और विदेश के उद्योगपति अब राज्य में निवेश करने को लेकर उत्साहित दिखाई दे रहे हैं.
एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट पर चर्चा
समिट में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं का विशेष उल्लेख किया गया. वक्ताओं ने कहा कि इन परियोजनाओं ने उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है. बेहतर सड़क और एयर नेटवर्क से उद्योगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. इससे रोजगार और व्यापार दोनों को गति मिलेगी.
सांस्कृतिक आयोजनों की भी चर्चा
कार्यक्रम में अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकुंभ जैसे आयोजनों का भी जिक्र हुआ. उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने कहा कि इतने बड़े आयोजनों का सफल प्रबंधन राज्य की प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं ने पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी है. इससे उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है.
निवेश के नए केंद्र के रूप में उभरा यूपी
समिट में शामिल कई उद्योगपतियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या वाला बड़ा राज्य नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का केंद्र बन रहा है. बेहतर नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है. उद्योग जगत का मानना है कि आने वाले वर्षों में यूपी देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में और तेजी से आगे बढ़ सकता है.