जेवर एयरपोर्ट के महंगे किराए पर भड़के विधायक धीरेंद्र सिंह, दिल्ली एयरपोर्ट से की तुलना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने से पहले ही फ्लाइट किराए को लेकर विवाद बढ़ गया है. जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने महंगे किराए और कमजोर कनेक्टिविटी पर सवाल उठाते हुए यात्रियों को राहत देने की मांग की है.

May 9, 2026 - 11:09
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जेवर एयरपोर्ट के महंगे किराए पर भड़के विधायक धीरेंद्र सिंह, दिल्ली एयरपोर्ट से की तुलना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत के बड़े एविएशन हब के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन एयरपोर्ट शुरू होने से पहले ही फ्लाइट किराए को लेकर नई बहस छिड़ गई है. जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने एयरपोर्ट से उड़ानों के महंगे किराए और सीमित कनेक्टिविटी को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यदि शुरुआत में ही यात्रियों पर अधिक आर्थिक बोझ डाला गया तो लोग दिल्ली एयरपोर्ट को प्राथमिकता देंगे. उन्होंने सरकार से शुरुआती चरण में किराया और शुल्क कम रखने की मांग की है.

किराए को लेकर उठे सवाल

धीरेंद्र सिंह ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान का किराया दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में ज्यादा दिखाई दे रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट तक का किराया करीब 5072 रुपये बताया जा रहा है, जबकि लखनऊ से दिल्ली तक का किराया 3600 से 4300 रुपये के बीच है. उनका कहना है कि यात्रियों के लिए यह अंतर बड़ा मुद्दा बन सकता है.

दिल्ली एयरपोर्ट से होगी तुलना

विधायक का मानना है कि यात्री हमेशा उस विकल्प को चुनेंगे जहां सफर आसान और सस्ता हो. ऐसे में यदि जेवर एयरपोर्ट से यात्रा महंगी रही तो लोग दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरना ज्यादा बेहतर समझेंगे. उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए शुरुआत में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और कम शुल्क देने की जरूरत है.

कनेक्टिविटी को लेकर चिंता

धीरेंद्र सिंह ने एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अभी तक नोएडा से जेवर एयरपोर्ट तक मजबूत मेट्रो, रैपिड रेल या अन्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और खर्च दोनों उठाने पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि जब तक कनेक्टिविटी बेहतर नहीं होती, तब तक ज्यादा शुल्क लेना उचित नहीं माना जा सकता.

शुरुआती दौर में राहत की मांग

विधायक ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से अपील की है कि एयरपोर्ट के शुरुआती संचालन के दौरान यात्रियों को आकर्षित करने के लिए किराया और UDF जैसे शुल्क कम रखे जाएं. उनका कहना है कि इससे एयरपोर्ट को बेहतर रिस्पॉन्स मिलेगा और ज्यादा लोग यहां से यात्रा करने के लिए प्रेरित होंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी नए एयरपोर्ट के लिए शुरुआती भरोसा बनाना बेहद जरूरी होता है.

एयरपोर्ट को लेकर बढ़ी चर्चा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े विकास प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है. इसके शुरू होने से रोजगार, व्यापार और यात्रा सुविधाओं में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. हालांकि अब फ्लाइट किराए और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है. आने वाले समय में सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन के फैसलों पर यात्रियों की नजर बनी रहेगी.

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