नोएडा फेस-2 स्थित याकूबपुर गांव के सरकारी स्कूल से राहत भरी खबर सामने आई है. लंबे समय से खराब पड़ी आरओ मशीन को आखिरकार ठीक कर दिया गया है, जिससे स्कूल के बच्चों को अब साफ और ठंडा पानी मिल सकेगा. बताया जा रहा है कि कई दिनों से शिक्षक संबंधित कंपनी से मशीन ठीक कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी. इसके बाद भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के प्रदेश संगठन मंत्री आनंद सरपंच ने मामले में हस्तक्षेप किया और कंपनी अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान कराया.
बच्चों को हो रही थी परेशानी
स्कूल में आरओ मशीन बंद होने के कारण बच्चों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी. गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई थी. शिक्षक और अभिभावक लगातार चाहते थे कि जल्द से जल्द मशीन ठीक हो, ताकि बच्चों को राहत मिल सके. लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा था.
शिक्षकों ने मांगी मदद
स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने कई दिनों तक संबंधित कंपनी से संपर्क किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब समस्या लगातार बनी रही तो शिक्षकों ने किसान नेता आनंद सरपंच से संपर्क किया. शिक्षकों का कहना है कि बच्चों की परेशानी को देखते हुए तुरंत कदम उठाना जरूरी था. इसके बाद मामले ने तेजी पकड़ी.
आनंद सरपंच ने संभाला मोर्चा
मामले की जानकारी मिलते ही आनंद सरपंच ने संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों से बातचीत की. बताया जा रहा है कि उन्होंने कंपनी को जल्द मशीन ठीक करने के लिए सख्त निर्देश दिए. उनकी सक्रियता के बाद कंपनी की टीम स्कूल पहुंची और आरओ मशीन को दोबारा चालू कर दिया गया. अब बच्चों को साफ और ठंडा पानी मिलने लगा है.
ग्रामीणों और स्टाफ में खुशी
आरओ मशीन ठीक होने के बाद गांव के लोगों और स्कूल स्टाफ में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना सबसे जरूरी है. लोगों ने आनंद सरपंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समय रहते समस्या का समाधान कराया. कई अभिभावकों ने भी इस पहल को सराहनीय बताया है.
जनहित के मुद्दों पर सक्रियता
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई समस्याएं लंबे समय तक अनदेखी का शिकार रहती हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता से समाधान संभव हो पाता है. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी स्कूल और गांव से जुड़ी समस्याओं का इसी तरह जल्दी समाधान किया जाएगा. फिलहाल बच्चों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दे रही है.