नोएडा में पोस्टर वार तेज, भाजपा युवा मोर्चा ने सपा पर साधा निशाना
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब सोशल मीडिया पर की गई एक कथित टिप्पणी के बाद पोस्टर वार शुरू हो गया. भाजपा युवा मोर्चा ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ कई जगहों पर होर्डिंग और पोस्टर लगाए हैं.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इन दिनों राजनीतिक बयानबाजी के साथ पोस्टर वार भी चर्चा का विषय बन गया है. समाजवादी पार्टी की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी की युवा मोर्चा इकाई ने मोर्चा खोल दिया है. शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. दोनों दलों के समर्थकों के बीच इस मुद्दे को लेकर लगातार बहस देखने को मिल रही है.
सोशल मीडिया टिप्पणी से बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर की गई एक कथित टिप्पणी से हुई. भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए और विरोध दर्ज कराने के लिए पोस्टर अभियान शुरू किया गया.
शहरभर में लगाए गए पोस्टर
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई प्रमुख इलाकों में बड़े-बड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टरों में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए लिखा गया है, “सपा की यही पहचान, पिछड़ों का करें सदैव अपमान.” इन पोस्टरों के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी पर सामाजिक सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है. पोस्टर लगने के बाद राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है.
भाजपा युवा मोर्चा की मांग
भाजपा युवा मोर्चा के नेताओं ने इस मामले में सपा नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की है. उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी को अपने मीडिया सेल प्रमुख के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ हैं और इससे समाज में गलत संदेश जाता है.
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
पोस्टर वार के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में राजनीतिक माहौल काफी गर्म दिखाई दे रहा है. अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थक सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनावी माहौल न होने के बावजूद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ रहे हैं. इस विवाद ने शहर में राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
नई रणनीति बनता पोस्टर वार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब सोशल मीडिया और पोस्टर वार राजनीतिक रणनीति का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं. पहले जहां राजनीतिक बयान मंचों तक सीमित रहते थे, वहीं अब डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक पोस्टर के जरिए सीधे जनता तक संदेश पहुंचाया जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां और बढ़ सकती हैं.
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