नोएडा के सरकारी स्कूल में पानी का संकट, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा

नोएडा फेस-2 के इलाहाबास गांव स्थित सरकारी स्कूल में पानी की गंभीर समस्या सामने आई है. स्कूल का सरकारी नल सूख जाने से बच्चों को पीने के पानी और साफ-सफाई की परेशानी झेलनी पड़ रही है. इस मुद्दे पर किसान नेता आनंद सरपंच ने सरकार पर सवाल उठाए हैं.

May 12, 2026 - 12:19
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नोएडा के सरकारी स्कूल में पानी का संकट, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा

नोएडा फेस-2 क्षेत्र के इलाहाबास गांव में स्थित सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. स्कूल में पीने के पानी का मुख्य स्रोत पूरी तरह बंद हो चुका है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के नेता आनंद सरपंच ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि देश को विश्व गुरु बनाने के दावे तभी सफल होंगे, जब गांवों के सरकारी स्कूलों की बुनियादी समस्याओं का समाधान किया जाएगा.

स्कूल में पानी का संकट गहराया

स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूल का सरकारी नल काफी समय से सूखा पड़ा है. इसके कारण बच्चों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. स्कूल में पानी न होने से छात्र और शिक्षक दोनों प्रभावित हो रहे हैं. गर्मी के मौसम में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई है.

साफ-सफाई व्यवस्था हुई प्रभावित

पानी की कमी का असर स्कूल की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है. शौचालयों की नियमित सफाई नहीं हो पा रही है और परिसर में गंदगी बढ़ती जा रही है. स्थानीय समाज सेवक अनिल कुमार और जगबीर भाटी ने बताया कि पानी न होने की वजह से स्कूल की नाली तक सूख चुकी है. इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ गया है.

आनंद सरपंच ने उठाए सवाल

भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के नेता आनंद सरपंच ने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि सरकार बड़े स्तर पर शिक्षा सुधार और विकास की बात करती है, लेकिन गांवों के स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं भी पूरी नहीं हो पा रही हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए सबसे पहले उन्हें सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देना जरूरी है.

ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

गांव के लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने स्कूल में पानी की व्यवस्था बहाल करने और सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होंगे.

शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे बड़े सवाल

इस घटना के बाद सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि बेहतर सुविधाएं भी जरूरी होती हैं. गांवों के कई स्कूल आज भी पानी, सफाई और आधारभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं. अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है.

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