नोएडा में SIR पर सियासत गरम! सपा ने लगाए 11 हजार फर्जी वोट बनाने के आरोप; एक पते पर 5-5 वोटर होने का दावा
नोएडा में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. समाजवादी पार्टी ने 11 हजार से अधिक फर्जी वोटर जोड़े जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से जांच और जवाबदेही की मांग की है.
नोएडा में SIR प्रक्रिया को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आया है. समाजवादी पार्टी ने प्रेसवार्ता कर मतदाता सूची से जुड़े गंभीर सवाल उठाए हैं. पार्टी नेताओं का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी वोट बनाए गए हैं और कई स्थानों पर एक ही नाम तथा एक ही पते पर एक से अधिक मतदाता दर्ज किए गए हैं. इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. वहीं मामले को लेकर चुनाव आयोग से जांच की मांग भी की गई है.
प्रेसवार्ता में लगाए गए गंभीर आरोप
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रेसवार्ता के दौरान SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए. पार्टी का दावा है कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में अनियमितताएं सामने आई हैं. नेताओं का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और सूची के परीक्षण के दौरान कई ऐसे मामले मिले हैं, जिनमें एक ही नाम और पते पर एक से अधिक प्रविष्टियां दर्ज दिखाई दे रही हैं. इसी आधार पर जांच की मांग उठाई गई है.
11 हजार से अधिक फर्जी वोटर बनाने का दावा
पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान 11 हजार से अधिक फर्जी वोटर तैयार किए गए हैं. समाजवादी पार्टी का कहना है कि यदि इस प्रकार की गड़बड़ियों को समय रहते नहीं रोका गया तो मतदाता सूची की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है. पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और पारदर्शी होना अत्यंत आवश्यक है.
चुनाव आयोग से मांगा जवाब
गौतमबुद्ध नगर महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता ने चुनाव आयोग से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटियां हैं तो उन्हें तत्काल सुधारा जाना चाहिए. पार्टी की ओर से आयोग को पत्र भेजकर विस्तृत जांच कराने की मांग की जाएगी. साथ ही कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई गई है.
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस मुद्दे के सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है. विभिन्न राजनीतिक दलों की नजर अब इस पूरे विवाद पर टिकी हुई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सूची से जुड़ा कोई भी मामला चुनावी माहौल में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस विषय पर और अधिक बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
आंदोलन की चेतावनी
समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है. फिलहाल सभी की निगाहें चुनाव आयोग की संभावित प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं. आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है.
What's Your Reaction?