आबकारी नीति 2026-27: ई-लॉटरी से बांटी गईं 11 शराब दुकानें, 50 करोड़ राजस्व का अनुमान

गौतमबुद्धनगर में आबकारी नीति 2026-27 के तहत पंचम चरण की ई-लॉटरी संपन्न हुई. इस प्रक्रिया में 11 मदिरा दुकानों का ऑनलाइन आवंटन किया गया, जिससे करीब 50 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान है.

May 30, 2026 - 11:37
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आबकारी नीति 2026-27: ई-लॉटरी से बांटी गईं 11 शराब दुकानें, 50 करोड़ राजस्व का अनुमान

गौतमबुद्धनगर में आबकारी नीति 2026-27 के अंतर्गत पंचम चरण की ई-लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई. जिला प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में ऑनलाइन लॉटरी का आयोजन किया गया, जिसमें मदिरा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई. अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस प्रक्रिया का सीधा प्रसारण भी किया गया, ताकि आवेदक और आमजन पूरी व्यवस्था को देख सकें. ई-लॉटरी के माध्यम से जिले में 11 मदिरा दुकानों का आवंटन किया गया है.

पारदर्शिता के साथ हुई प्रक्रिया

ई-लॉटरी का आयोजन जिला प्रशासन की निगरानी में किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर आयुक्त, अखिल वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह ने की. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित हुई, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके. प्रशासन ने सभी चरणों को तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से संचालित किया, जिससे किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप की संभावना न रहे.

11 दुकानों का हुआ आवंटन

पंचम चरण की इस ई-लॉटरी में कुल 11 मदिरा दुकानों का ऑनलाइन आवंटन किया गया. इनमें 6 देशी मदिरा की दुकानें और 5 मॉडल शॉप शामिल हैं. आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन दुकानों के संचालन से जिले को बड़े स्तर पर राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है. आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफल आवेदकों को आगे की औपचारिकताओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई.

एलईडी स्क्रीन पर दिखा लाइव प्रसारण

प्रशासन ने ई-लॉटरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए लाइव प्रसारण की व्यवस्था की. एनआईसी सभागार में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रदर्शन किया गया. इससे उपस्थित लोगों को हर चरण की जानकारी मिलती रही. अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदकों के बीच विश्वास बनाए रखना और प्रक्रिया को खुला एवं स्पष्ट बनाना था.

आवेदनों से मिला करोड़ों का राजस्व

ई-लॉटरी के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए. देशी मदिरा की दुकानों के लिए 243 आवेदन जमा हुए, जबकि मॉडल शॉप के लिए 117 लोगों ने आवेदन किया. इस प्रकार कुल 360 आवेदन प्राप्त हुए. आवेदन शुल्क और अन्य प्रक्रियाओं के माध्यम से लगभग 2.75 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. यह आंकड़ा जिले में मदिरा दुकानों के प्रति बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है.

50 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान

आबकारी विभाग के अनुसार, आवंटित 11 दुकानों से आगामी वित्तीय वर्ष में लगभग 50 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है. अधिकारियों का मानना है कि यह राजस्व जिले के विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. प्रशासन ने भविष्य में भी इसी तरह तकनीक आधारित पारदर्शी प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने की बात कही है.

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