नोएडा थाना साइबर पुलिस द्वारा फर्जी प्लेटफार्म के द्वारा साइबर ठगी करते थे

Jul 5, 2026 - 09:29
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नोएडा थाना साइबर पुलिस द्वारा फर्जी प्लेटफार्म के द्वारा साइबर ठगी करते थे

जेएमबी न्यूज़ विशेष संवाददाता हर्ष चपराना 

नोएडा :- थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस द्वारा फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश कराने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला 01 अभियुक्त गिरफ्तार।

घटना का सक्षिप्त विवरण-

दिनांक 02.05.2025 को वादी/पीड़ित द्वारा थाना साइबर क्राइम, नोएडा पर सूचना दी गई कि साइबर अपराधी द्वारा वादी मुकदमा को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोडा गया, जहाँ साइबर अपराधी द्वारा स्वयं को शेयर मार्केट का विशेषज्ञ बताकर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी की गई। जिसके सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम पर अभियोग पंजीकृत किया गया। 

कार्यवाही का विवरण-

थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन, अभिसूचना संकलन एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्यवाही करते हुए फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश कराने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला अभियुक्त अमलेश प्रसाद को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

अभियुक्त द्वारा शेयर मार्केट में निवेश के इच्छुक व्यक्तियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधियों को 10 प्रतिशत कमीशन पर बैंक खाता उपलब्ध कराया जाता था, जिसमें उपरोक्त घटना से सम्बन्धित 15,50,000 रुपए की धनराशि अभियुक्त अमलेश प्रसाद के बैंक खाता में प्राप्त हुई है। जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि अभियुक्त द्वारा अब तक साइबर ठगी की घटनाओं से संबंधित कुल 01 करोड़ 78 लाख रुपए की धनराशि अपने बैंक खाते में प्राप्त की गयी है। 

अभियुक्त के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों में कुल 26 आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं- तेलंगाना– 08 मुकदमें, कर्नाटक– 06 मुकदमें, तमिलनाडु– 03 मुकदमें, केरल– 02 मुकदमें, महाराष्ट्र– 02 मुकदमें, हरियाणा– 01 मुकदमा, पश्चिम बंगाल– 01 मुकदमा, छत्तीसगढ़– 01 मुकदमा, राजस्थान– 01 मुकदमा, उत्तराखण्ड– 01 मुकदमा, उत्तर प्रदेश (गौतमबुद्धनगर)– 01 मुकदमा

अभियुक्त का विवरण-

अमलेश प्रसाद पुत्र योधा प्रसाद, निवासी सूरजपुर, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर उम्र लगभग 41 वर्ष।

बरामदगी का विवरण-

घटना में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन (Apple iPhone 13 Pro)

पंजीकृत अभियोग का विवरण-

मु0अ0सं0 72/2025 धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66D आई0टी0एक्ट थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर।

साइबर जागरूकता संदेश-

*किसी भी WhatsApp/Telegram ग्रुप के माध्यम से निवेश करने से पूर्व उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।

*केवल SEBI पंजीकृत निवेश सलाहकारों एवं अधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें।

*अधिक लाभ का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें।

*किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा www.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज कराएं तथा निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।

धोखाधड़ी के सामान्य तरीके-

*फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कार्ड नंबर, CVV, OTP या PIN पूछना।

*फिशिंग ई-मेल, SMS या WhatsApp लिंक भेजकर कार्ड विवरण चोरी करना।

*नकली शॉपिंग वेबसाइट या पेमेंट गेटवे के माध्यम से भुगतान करवाना।

*एटीएम या POS मशीन पर स्किमिंग डिवाइस लगाकर कार्ड की जानकारी कॉपी करना।

*सोशल मीडिया या ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से आकर्षक ऑफर देकर कार्ड विवरण प्राप्त करना।

बचाव के उपाय-

*अपना कार्ड नंबर, CVV, OTP, PIN या नेट बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।

*बैंक कभी भी फोन, ई-मेल या SMS के माध्यम से OTP या PIN नहीं मांगता।

*केवल विश्वसनीय एवं सुरक्षित (https://) वेबसाइटों पर ही ऑनलाइन भुगतान करें।

*अपने मोबाइल पर SMS/E-mail Transaction Alert अवश्य सक्रिय रखें।

*समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट और कार्ड ट्रांजेक्शन की जांच करें।

*एटीएम या POS मशीन का उपयोग करने से पहले उसमें किसी संदिग्ध उपकरण की जांच करें।

*सार्वजनिक Wi-Fi का उपयोग करके ऑनलाइन भुगतान करने से बचें।

*अपने मोबाइल और कंप्यूटर में नवीनतम सुरक्षा अपडेट एवं एंटीवायरस का उपयोग करें।

*अंतरराष्ट्रीय या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सुविधा आवश्यकता होने पर ही सक्रिय रखें।

यदि धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?

1.तुरंत अपने बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर कार्ड ब्लॉक कराएं।

2.संदिग्ध लेन-देन की सूचना बैंक को तुरंत दें।

3.राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

4.राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

5.संबंधित पुलिस थाना/साइबर क्राइम थाना में आवश्यक दस्तावेजों सहित रिपोर्ट दर्ज कराएं।

याद रखें-

OTP, CVV, PIN और पासवर्ड केवल आपके लिए हैं। इन्हें किसी भी व्यक्ति के साथ साझा करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

सतर्क नागरिक बनें– साइबर अपराध से स्वयं भी बचें और दूसरों को भी जागरूक करें।

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