गांवों की बदहाली पर किसान एकजुट, प्राधिकरण को सौंपा ज्ञापन; जल्द समाधान की मांग
भारतीय किसान यूनियन भानु ने नोएडा प्राधिकरण को ज्ञापन देकर गांवों की समस्याएं उठाईं. अधिकारियों ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया. किसानों ने बुनियादी सुविधाओं को लेकर चिंता जताई.
नोएडा में भारतीय किसान यूनियन भानु संगठन ने गांवों में व्याप्त समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की. संगठन के महानगर अध्यक्ष राजवीर मुखिया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी से मुलाकात की. इस दौरान गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया. किसानों ने साफ कहा कि लंबे समय से समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं और अब उनका जल्द समाधान जरूरी है.
ज्ञापन के माध्यम से उठाए मुद्दे
किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के जरिए गांवों में चल रही समस्याओं को विस्तार से रखा. इसमें सड़क, पानी, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का जिक्र किया गया. संगठन ने बताया कि इन समस्याओं के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
प्राधिकरण अधिकारियों से बातचीत
ज्ञापन सौंपने के दौरान अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यान से सुनी. उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की. अधिकारियों ने कहा कि सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे.
जल्द समाधान का आश्वासन
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं का जल्द निस्तारण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर कार्य योजना तैयार कर समस्याओं को दूर किया जाएगा. इस आश्वासन के बाद किसानों को उम्मीद है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान होगा.
किसानों की उम्मीद और चिंता
किसान नेताओं ने कहा कि लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं, इसलिए अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार ठोस कदम उठाए जाएंगे. अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन आगे भी अपनी आवाज उठाता रहेगा.
बैठक में मौजूद सदस्य
इस दौरान संगठन के कई सदस्य मौजूद रहे, जिनमें प्रेम सिंह भाटी, सुभाष भाटी, ऋषि अवाना, किटी प्रधान, कर्मवीर बैसला, ओमी प्रधान, श्याम दीक्षित, उमेश और कन्हैया लाल अवाना शामिल थे. सभी ने एकजुट होकर गांवों की समस्याओं के समाधान की मांग की.
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