नोएडा में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल, 84 साल के बुजुर्ग से 85 लाख की ठगी; 16 दिन तक वीडियो कॉल पर बनाए रखा बंधक
नोएडा में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 84 वर्षीय बुजुर्ग से 85 लाख रुपये ठग लिए. 16 दिनों तक वीडियो कॉल पर रखकर डराया गया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई.
नोएडा: यूपी की हाईटेक सिटी नोएडा से एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसने शहर में हड़कंप मचा दिया है. एनटीपीसी से रिटायर्ड एक 84 वर्षीय बुजुर्ग को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर जाल में फंसा लिया. खुद को साइबर सेल और CBI अधिकारी बताकर ठगों ने बुजुर्ग को गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी. डर और मानसिक दबाव में बुजुर्ग से लाखों रुपये ट्रांसफर कराए गए, जिससे साइबर अपराध का नया और खतरनाक तरीका उजागर हुआ.
ठगों ने बेहद सुनियोजित तरीके से बुजुर्ग को निशाना बनाया. सबसे पहले उन्हें कॉल कर खुद को सरकारी अधिकारी बताया गया. इसके बाद उन पर धनशोधन और मानव तस्करी जैसे मामलों में शामिल होने का आरोप लगाया गया. बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाया गया कि जांच पूरी होने तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रहना होगा. इसी बहाने उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया.
16 दिनों तक चला मानसिक दबाव
ठगों ने करीब 16 दिनों तक बुजुर्ग को वीडियो कॉल पर बनाए रखा. इस दौरान उन्हें किसी से बात करने या बाहर जानकारी देने से रोका गया. हर वक्त उन पर नजर रखी गई और डर का माहौल बनाया गया. इस मानसिक दबाव के कारण बुजुर्ग पूरी तरह ठगों के नियंत्रण में आ गए और उनकी हर बात मानने को मजबूर हो गए.
कई राज्यों में भेजी गई रकम
डर के माहौल में बुजुर्ग से कई बार बैंक ट्रांजेक्शन कराए गए. ठगों ने उन्हें अलग-अलग खातों में पैसे भेजने को कहा. करीब 30 लाख रुपये केरल और 55 लाख रुपये तमिलनाडु के खातों में ट्रांसफर कराए गए. इस तरह कुल 85 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया. यह रकम अलग-अलग स्थानों पर भेजकर ट्रेसिंग को कठिन बनाने की कोशिश की गई.
राज खुलने के बाद मचा हड़कंप
जब बुजुर्ग को ठगी का एहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी. परिवार और स्थानीय लोगों को जानकारी मिलने पर मामला सामने आया. इस घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है. लोग अब ऐसे नए तरीकों से की जा रही साइबर ठगी को लेकर सतर्क हो गए हैं.
पुलिस जांच में जुटी
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. साइबर सेल की टीम पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें.
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