जारचा क्षेत्र में खनन माफिआयों के हौसले बुलंद, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान; ग्रामीणों में रोष व्याप्त

ग्रेटर नोएडा के जारचा क्षेत्र में अवैध खनन से 50 बीघा से अधिक सरकारी जमीन खोद दी गई, जिससे पंप हाउस और नलकूप तबाह हो गए. कई गांव इस अवैध खनन से प्रभावित हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और वो कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

Apr 29, 2026 - 13:21
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नोएडा: गौतमबुद्धनगर के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अवैध खनन का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है. थाना जारचा इलाके में खनन माफियाओं ने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन को नुकसान पहुंचाया है. 50 बीघा से अधिक भूमि की खुदाई के साथ ही सरकारी पंप हाउस और सिंचाई व्यवस्था को भी बर्बाद कर दिया गया है. इस घटना से कई गांव प्रभावित हुए हैं और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

जारचा क्षेत्र में अवैध खनन लगातार फैलता जा रहा है. शुरुआत फूलपुर गांव से हुई, लेकिन अब इसका दायरा बिल अकबरपुर, आनंदपुर और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गया है. बड़े पैमाने पर खुदाई से खेतों की उपजाऊ मिट्टी नष्ट हो रही है. इससे किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है और ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है.

सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान

फूलपुर गांव में स्थित राजकीय नलकूप संख्या 50 S.K.B के आसपास सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. खनन माफियाओं ने पंप हाउस को तोड़ दिया और मोटर पंप को उखाड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया. पाइपलाइन सिस्टम पूरी तरह नष्ट हो गया. इसके चलते करीब 500 मीटर सर्विस रोड और 1000 मीटर के कमांड एरिया को नुकसान पहुंचा है.

सिंचाई व्यवस्था ठप

पंप हाउस और नलकूप के क्षतिग्रस्त होने से किसानों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह बंद हो गई है. फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा. यह स्थिति किसानों के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है.

प्रशासन और पुलिस पर सवाल

इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. SDM के जांच आदेश के बावजूद पटवारी पर गलत रिपोर्ट देने के आरोप लगे हैं. वहीं थाना जारचा पुलिस पर भी लापरवाही और खनन माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप सामने आए हैं. कई शिकायतों के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है.

ग्रामीणों की मांग और बड़ा सवाल

लगातार हो रहे नुकसान से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि अवैध खनन पर रोक लगाई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और सरकारी संसाधनों की मरम्मत कराई जाए. अब सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है?

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