साहपुर बैठक में गरजे किसान, BKU मंच की बैठक में बड़ा फैसला; सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन मंच की बैठक में किसानों के लंबित मुद्दों पर नाराजगी जताई गई. संगठन ने चेतावनी दी कि समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा. बैठक में संगठनात्मक बदलाव भी किए गए.
साहपुर स्थित भारतीय किसान यूनियन मंच के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई. नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों को उठाया गया, जिन पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे. संगठन ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है.
किसानों के मुद्दों पर चर्चा
बैठक में आबादी विनियमितीकरण, 10 प्रतिशत मुआवजा, 5 प्रतिशत प्लॉट आवंटन और नक्शा नीति जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. पदाधिकारियों ने कहा कि ये सभी विषय लंबे समय से लंबित हैं. किसानों को इन मुद्दों के समाधान का इंतजार है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
सरकार पर उपेक्षा के आरोप
संगठन के नेताओं ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है. हाई पावर कमेटी के गठन के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है. यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती.
आंदोलन की चेतावनी
बैठक में साफ कहा गया कि यदि सरकार जल्द ही किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा. पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों के अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारी की जाएगी.
संगठन में बड़े बदलाव
बैठक के दौरान संगठन में कुछ अहम फैसले भी लिए गए. अनुशासनहीनता के आरोप में मीडिया प्रभारी अशोक चौहान और संरक्षक डी पी चौहान को पद से हटाकर संगठन से बाहर कर दिया गया. उनकी जगह सागर नंबरदार को नया मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया. इस फैसले को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई.
एकजुटता का संदेश
बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर किसानों के हितों के लिए काम करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. संगठन आने वाले समय में और मजबूत होकर किसानों की आवाज उठाएगा.
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