नोएडा श्रमिक आंदोलन का मास्टरमाइंड गिरफ्तार! DU छात्र का योगेश मीणा STF के शिकंजे में
नोएडा के श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले में यूपी एसटीएफ ने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र योगेश मीणा को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि उसने सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की.
नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले की जांच के दौरान यूपी एसटीएफ को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है. जांच एजेंसियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र योगेश मीणा को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया ग्रुप्स के माध्यम से भड़काऊ संदेश प्रसारित कर रहा था. जांच में यह भी सामने आया है कि उसका संपर्क पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी अनिल से था. अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच लगातार संवाद हुआ था और मामले की जांच अभी जारी है.
श्रमिक आंदोलन मामले में नई गिरफ्तारी
यूपी एसटीएफ की कार्रवाई के बाद श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले में एक नया नाम सामने आया है. पुलिस के अनुसार, योगेश मीणा की भूमिका को लेकर कई अहम जानकारियां मिली थीं. तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल गतिविधियों की जांच के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों का पता चल सकता है.
सोशल मीडिया पर गतिविधियों की जांच
जांच एजेंसियों का आरोप है कि योगेश मीणा विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया समूहों में सक्रिय था. पुलिस का कहना है कि इन माध्यमों के जरिए ऐसे संदेश प्रसारित किए गए, जिनसे लोगों को भड़काने और तनावपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश हुई. एसटीएफ अब उन सभी ऑनलाइन गतिविधियों की पड़ताल कर रही है, जिनका संबंध इस मामले से हो सकता है.
पहले गिरफ्तार आरोपी से जुड़ाव
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि योगेश मीणा का संपर्क पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी अनिल से था. अधिकारियों के मुताबिक, अनिल खुद को डीसीपी का ड्राइवर बताकर लोगों को भ्रमित करता था. जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपियों के बीच समन्वय था और वे विभिन्न माध्यमों से लोगों तक सूचनाएं पहुंचा रहे थे. इस पहलू की गहन जांच की जा रही है.
अफवाह फैलाने की साजिश का आरोप
पुलिस का दावा है कि श्रमिक आंदोलन के दौरान अफवाहों को बढ़ावा देने और हालात को बिगाड़ने की कोशिश की गई थी. जांच में जुटी टीमों का कहना है कि कुछ संदेशों और पोस्टों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया. इसी आधार पर आरोपियों की भूमिका को जांच के दायरे में रखा गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई.
जांच अभी जारी है
एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं. अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं. फिलहाल योगेश मीणा से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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