नोएडा हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, व्हाट्सएप ग्रुप में भड़काऊ संदेश भेजने वाला आरोपी पुलिस गिरफ्त में

नोएडा श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने के आरोपी अनिल को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर व्हाट्सएप ग्रुप में माहौल बिगाड़ने वाले संदेश भेजने और अफवाह फैलाने का आरोप है.

May 23, 2026 - 11:13
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नोएडा हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, व्हाट्सएप ग्रुप में भड़काऊ संदेश भेजने वाला आरोपी पुलिस गिरफ्त में

नोएडा में श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले की जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने के आरोप में वांछित आरोपी अनिल को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी ने रिचा ग्लोबल एक्सपोर्ट कंपनी के व्हाट्सएप ग्रुप में विवादित संदेश भेजकर माहौल भड़काने की कोशिश की थी. पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को सरकारी कर्मचारी और किसी डीसीपी का ड्राइवर बताकर लोगों को गुमराह करता था, लेकिन जांच में उसके सभी दावे झूठे पाए गए.

सोशल मीडिया से माहौल बिगाड़ने का आरोप

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी अनिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को भड़काने की कोशिश की थी. जांच में यह भी पता चला कि आरोपी लगातार ऐसे संदेश साझा कर रहा था, जिससे तनाव बढ़ सकता था. पुलिस का कहना है कि श्रमिक आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया था. इसी आधार पर आरोपी की तलाश तेज की गई थी.

रिचा ग्लोबल कंपनी से जुड़ा रहा आरोपी

जांच में सामने आया कि आरोपी करीब दो साल पहले रिचा ग्लोबल एक्सपोर्ट कंपनी में काम कर चुका था. हालांकि वर्तमान में वह वहां कर्मचारी नहीं था. पुलिस के मुताबिक कंपनी के व्हाट्सएप ग्रुप में उसकी मौजूदगी के कारण वह लगातार कर्मचारियों तक संदेश पहुंचा रहा था. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पुराने संपर्कों का फायदा उठाकर लोगों को उकसाने का प्रयास कर रहा था.

सरकारी कर्मचारी होने का दावा निकला झूठा

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुद को सरकारी कर्मचारी और किसी डीसीपी का ड्राइवर बताया था. लेकिन जब पुलिस ने उसके दावों की जांच की तो सारी बातें गलत निकलीं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी एक प्राइवेट कर्मचारी है और उसका पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है. पुलिस का मानना है कि वह लोगों पर प्रभाव जमाने और भरोसा जीतने के लिए इस तरह के झूठे दावे करता था.

13 अप्रैल हिंसा में भूमिका की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 13 अप्रैल को हुई हिंसा में आरोपी की क्या भूमिका रही. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश के संकेत मिले हैं. पुलिस डिजिटल सबूतों और चैट रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है. मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए तकनीकी टीम की मदद ली जा रही है.

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

नोएडा पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें. पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.

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