नोएडा थाना साइबर पुलिस द्वारा साइबर ठगी करने वाले अभियुक्त गिरफ्तार
जेएमबी न्यूज़ विशेष संवाददाता हर्ष चपराना
नोएडा :- थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा धोखाधड़ी कर 21.27 लाख रुपए की साइबर ठगी में संलिप्त 04 अभियुक्त गिरफ्तार।
कार्यवाही का विवरण-
थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा अभिसूचना संकलन एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में संलिप्त 04 अभियुक्त 1. सचिन कुमार पुत्र महेश चन्द 2. शहनवाज शेख पुत्र मोहम्मद खलील 3. शिवम पाण्डेय पुत्र कृष्णा पाण्डेय 4. शुभम कुमार सिंह पुत्र विनोद कुमार सिंह को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 04 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
घटना का संक्षिप्त विवरण/ अपराध करने का तरीका-
साइबर अपराधियों द्वारा आईजीएल कंपनी का कर्मचारी बनकर बिल भुगतान के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर वादी के मोबाइल का अनाधिकृत एक्सेस प्राप्त करते हुए लगभग ₹21,27,000/- की साइबर धोखाधड़ी की गई थी। गिरफ्तार अभियुक्त साइबर अपराधियों को 10–20% कमीशन पर अपने क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते थे। अभियुक्त सचिन कुमार के क्रेडिट कार्ड में ₹1,49,490/- तथा शहनवाज शेख के कार्ड में ₹4,78,000/- (₹2,56,000/- व ₹2,22,000/-) की ठगी की राशि प्राप्त हुई है। अभियुक्त शिवम पाण्डेय व शुभम कुमार द्वारा साइबर अपराधियों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे। अब तक लगभग ₹6.5 लाख की धनराशि इनके खातों में प्राप्त होने की पुष्टि हुई है। प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-
1 सचिन कुमार पुत्र महेश चन्द निवासी थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद, उम्र लगभग 28 वर्ष।
2 शहनवाज शेख पुत्र मोहम्मद खलील निवासी बिसरख, गौतमबुद्धनगर, उम्र लगभग 27 वर्ष।
3 शिवम पाण्डेय पुत्र कृष्णा पाण्डेय निवासी बिसरख, गौतमबुद्धनगर, उम्र लगभग 22 वर्ष।
4 शुभम कुमार सिंह पुत्र विनोद कुमार सिंह निवासी बिसरख, गौतमबुद्धनगर, उम्र लगभग 26 वर्ष।
पंजीकृत अभियोग का विवरण-
मु0अ0सं0- 22/2026 धारा 318(4),319(2) बीएनएस व 66, 66C, 66D आईटी एक्ट, थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर।
महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा सुझाव-
1 किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, विशेषकर बिल भुगतान, केवाईसी या बैंक अपडेट से संबंधित संदेशों पर।
2 स्वयं को बैंक/कंपनी अधिकारी बताने वाले कॉल या मैसेज की सत्यता आधिकारिक नंबर से अवश्य जांचें।
3 अपने मोबाइल में किसी भी ऐप को अनावश्यक “एक्सेस/परमिशन” (Accessibility/Screen share) न दें।
4 ओटीपी, कार्ड विवरण, पासवर्ड आदि किसी के साथ साझा न करें, चाहे सामने वाला कितना भी विश्वसनीय क्यों न लगे।
5 साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
6 थोड़े से कमीशन या लालच में आकर किसी भी व्यक्ति को अपना क्रेडिट कार्ड, बैंक खाता या उससे संबंधित जानकारी उपलब्ध न कराएं, क्योंकि ऐसा करना साइबर अपराध में प्रत्यक्ष संलिप्तता है और इसके लिए कानूनी कार्यवाही व दंड का सामना करना पड़ सकता है।
What's Your Reaction?