नोएडा: याकूबपुर, इलाहाबास और नयागांव में मच्छरों का आतंक, फॉगिंग न होने पर ग्रामीणों में नाराजगी

नोएडा के याकूबपुर, इलाहाबास और नयागांव गांवों में गंदगी और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से ग्रामीण परेशान हैं. लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए फॉगिंग और दवा छिड़काव की मांग की है.

May 11, 2026 - 12:30
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नोएडा: याकूबपुर, इलाहाबास और नयागांव में मच्छरों का आतंक, फॉगिंग न होने पर ग्रामीणों में नाराजगी

नोएडा क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों गंदगी और मच्छरों का प्रकोप ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है. याकूबपुर, इलाहाबास और नयागांव में नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं, जिससे मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और सफाई विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. लोगों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है.

गांवों में बढ़ी बीमारी की चिंता

ग्रामीणों के मुताबिक पिछले कई दिनों से गांवों में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है. शाम होते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं. कई परिवारों में बुखार और अन्य बीमारियों के मामले भी सामने आने की बात कही जा रही है. लोगों का कहना है कि गंदी नालियां और रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह बन चुके हैं.

फॉगिंग और दवा छिड़काव नहीं

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद गांवों में फॉगिंग नहीं कराई गई. नालियों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी लंबे समय से नहीं हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें सिर्फ कागजों में काम दिखा रही हैं, जबकि जमीन पर हालात लगातार खराब हो रहे हैं. इससे लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है.

भाकियू नेता ने जताया रोष

भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के प्रदेश संगठन मंत्री आनंद सरपंच ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि गांवों की हालत बेहद खराब हो चुकी है और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों की तरफ ध्यान नहीं दे रही. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द फॉगिंग और सफाई अभियान शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

गांव के लोगों ने मीडिया के जरिए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने मांग की कि गांवों की नालियों की सफाई कराई जाए और बड़े स्तर पर दवा छिड़काव शुरू किया जाए. लोगों का कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बीमारी का खतरा और बढ़ सकता है.

स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच स्वास्थ्य विभाग और सफाई व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में नियमित निगरानी नहीं हो रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात और गर्मी के मौसम में मच्छरों का खतरा तेजी से बढ़ता है, इसलिए समय पर फॉगिंग और सफाई बेहद जरूरी होती है. अब लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.

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